विक्की कौशल की 'छावा' पर सेंसर बोर्ड की कैंची, कई डायलॉग्स में हुआ बदलाव
विक्की कौशल की फिल्म छावा का फैंस को बेसब्री से इंतजार है. ये फिल्म 14 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है. छावा में विक्की के साथ रश्मिका मंदाना लीड रोल में नजर आएंगी. फिल्म को लेकर काफी बज बना हुआ है. लोग फिल्म देखने के लिए काफी एक्साइटेड हैं. इसी बीच मेकर्स के लिए एक बुरी खबर है. सेंसर बोर्ड ने एक बार फिर फिल्म पर कैंची चला दी है.
फिल्म की स्टारकास्ट जोर-शोर से प्रमोशन में लगी हुई है. वहीं दूसरे तरफ मेकर्स यह सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड के साथ मिलकर काम कर रहे हैं कि फिल्म सारी जरुरी गाइडलाइन्स को पूरा करे.
सेंसर बोर्ड ने कुछ डायलॉग्स और सीन्स को बदलने के साथ कुछ शब्दों को म्यूट करने की रिक्वेस्ट की है. रिपोर्ट के मुताबिक ‘हरा*****’शब्द को म्यूट करने के लिए कहा है. इसके अलावा 'मुगल सल्तनत का जहर' डायलॉग को 'उस समय, कई शासक और सल्तनत खुद को जिंदा रखने की कोशिश कर रहे थे.' चेंज करने के लिए कहा गया है. 'खून तो आखिर मुगलों का ही है' को बदलकर 'खून तो है औरंग का ही' में बदलने के लिए कहा गया है.
पहले भी हुआ था विवाद
बता दें ट्रेलर रिलीज के बाद भी इसे लेकर बवाल हुआ था. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मेकर्स को ये सलाह दी थी कि वह इतिहास से किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करें. सीन में छत्रपति संभाजी महाराज राज्याभिषेक के बाद रानी येसूबाई के साथ डांस कर रहे हैं. जिसे हटाने की मांग की गई थी.
रिपोर्ट के अनुसार, छावा को ऑफिशियल तौर पर 1 फरवरी, 2025 को सर्टिफाइड किया गया था. फिल्म को 'यूए 16+' रेटिंग दी गई है और इसका सर्टिफाइड रनटाइम 161 मिनट और 50 सेकंड है, जो 2 घंटे, 41 मिनट और 50 सेकंड के बराबर है.

Kolkata एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट, इंडिगो विमान की जांच
श्रद्धालुओं के स्वागत में अनोखी प्रस्तुति, काशी विश्वनाथ मंदिर पर हाथ जोड़कर खड़े होंगे पुलिस कर्मचारी
बड़ी कार्रवाई: 17 युवतियों समेत 24 लोग पकड़े गए
चुनावी रेवड़ी या महिला सम्मान? स्टालिन ने करोड़ों महिलाओं को दिए 5000 रुपये
आदिवासी साथ में करते रहे पूजा, तो विवाद क्यों? मंडला में दुर्गा प्रतिमा की स्थापना पर दो पक्ष आमने-सामने
शेख हसीना के बेटे वाजेद बीएनपी से हाथ मिलाने को तैयार
‘रील बनाते समय गई जान’… पति का दावा, परिवार ने जताई साजिश की आशंका
विदेश व्यापार बढ़ाने की रणनीति: केंद्र ने गेहूं और चीनी के निर्यात को दी हरी झंडी