चैटजीपीटी को सब्सक्राइबर बढ़ने से घाटा?
नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआईचैटवाट के सब्सक्राइबर तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। उसी तेजी के साथ कंपनी का घाटा भी बढ़ रहा है। कंपनी के सह संस्थापक सैम आलटमैन का कहना है। सब्सक्राइबर बढ़ाने के कारण कंपनी को नुकसान हो रहा है। चैट जीटीपी का सालाना सब्सक्राइबर शुल्क भारत में करीब 17000 रुपए प्रति वर्ष है। भारत में तेजी के साथ सब्सक्राइबर बढ़ रहे हैं। जिसके कारण चैट जीपीटी कंपनी की लागत बढ़ती चली जा रही है। ग्राहकों को प्रीमियम सुविधा देने के लिए ओपन एआई की कंप्यूटिंग लागत पर कंपनी को ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। कंपनी के इस बयान के बाद ऐसा लग रहा है कि कंपनी भारत में अपना शुल्क बढ़ाने की तैयारी कर रही है। भविष्य में सालाना सब्सक्रिप्शन और भी महंगा हो सकता है।

बार-बार ठंड और तेज बुखार—मलेरिया के संकेत हो सकते हैं ये लक्षण
नियम तोड़ना पड़ा महंगा, शाहीन अफरीदी को चुकाना होगा 10 लाख PKR
स्वास्थ्य सेवाओं पर नाराज मंत्री तोमर ने अस्पताल की पानी टंकी की खुद की सफाई
जडेजा का इमोशनल मोमेंट वायरल, दुबे को चिढ़ाने का अंदाज चर्चा में
BJP ने असम चुनाव के लिए जारी किया ‘संकल्प पत्र’, जानें सभी बड़े वादे
किसानों की हालत पर सवाल, जीतू पटवारी ने बीजेपी को घेरा
चांद के चारों ओर रोशन घेरे के साथ भोपाल का रात का नजारा हुआ खास
‘10 करोड़ का टैलेंट’: वैभव की कहानी ने क्रिकेट जगत में मचाई हलचल
मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी
हॉलीवुड डायरेक्टर जैक स्नाइडर ने की हुमा कुरैशी की तारीफ, एक्ट्रेस ने दिया दिल छू लेने वाला जवाब