गूगल के सर्च इंजन की बाजार हिस्सेदारी में आई गिरावट
नई दिल्ली । साल 2024 की आखिरी तिमाही में गूगल की सर्च इंजन बाजार हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से नीचे गिरकर 89.74 प्रतिशत पर पहुंच गई। सर्च इंजन बाजार में वर्षों से बादशाहत कायम रखने वाले गूगल को अब कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरावट गूगल के लिए बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि इससे पहले 2015 में गूगल की हिस्सेदारी इतनी कम दर्ज की गई थी। गूगल की घटती हिस्सेदारी का सबसे बड़ा फायदा माइक्रोसाफट बिंग को हो रहा है। 2024 के दौरान बिंग ने अपनी बाजार हिस्सेदारी 4प्रतिशततक बढ़ा ली, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ी उपलब्धि है। बिंग की इस सफलता का मुख्य कारण उसकी उन्नत एआई तकनीक और चैटजीपीटी जैसे स्मार्ट टूल्स हैं, जो उपयोगकर्ताओं को अधिक व्यक्तिगत और सटीक परिणाम प्रदान कर रहे हैं। गूगल की पारंपरिक सर्च प्रणाली के मुकाबले, बिंग और अन्य एआई आधारित सर्च इंजन तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। एआई तकनीक पर आधारित सर्च इंजन, जैसे चैटजीपीटी और परप्लेसिटी, भी गूगल के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। ये सर्च इंजन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके उपयोगकर्ताओं को तेज और सटीक उत्तर देने में सक्षम हैं। हालांकि, एक रिपोर्ट में इन एआई सर्च इंजनों की हिस्सेदारी का विश्लेषण नहीं किया गया, लेकिन यह साफ है कि एआई की बढ़ती स्वीकार्यता गूगल के लिए खतरा है। गूगल को केवल प्रतिस्पर्धा से ही नहीं, बल्कि कानूनी विवादों का भी सामना करना पड़ रहा है।
गूगल की बाजार हिस्सेदारी में गिरावट सर्च इंजन बाजार में बदलाव का संकेत है। जहां बिंग जैसे प्रतियोगी धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं, वहीं एआई आधारित सर्च इंजन लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। गूगल के लिए यह समय है कि वह अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करे, अन्यथा आने वाले समय में उसे और बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कई देशों में गूगल पर अवैध तरीके से बाजार में एकाधिकार स्थापित करने के आरोप लगे हैं, जिसके चलते कंपनी पर जांच चल रही है। इन विवादों ने गूगल की छवि को नुकसान पहुंचाया है और उपयोगकर्ताओं के बीच नए विकल्पों के प्रति रुझान बढ़ा है।

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