तेलुगु ड्रामा सीरीज में नजर आएगी दिव्या दत्ता
मुंबई । बालीवुड अभिनेत्री दिव्या दत्ता जल्द ही तेलुगु राजनीतिक ड्रामा सीरीज ‘मायासभा: द राइज ऑफ द टाइटन्स’ में एक मजबूत और चतुर राजनीतिक नेता इरावती बोस के किरदार में नजर आएंगी। इस सीरीज में दिव्या एक ऐसी नेता की भूमिका निभा रही हैं जो अपने लक्ष्य को पाने के लिए लोगों को अपनी बातों में उलझाकर, चतुराई से उनका फायदा उठाती है। दिव्या ने अपने किरदार के बारे में बात करते हुए बताया कि इरावती ताकतवर होने के साथ-साथ अपनी कमजोरियों को छुपाकर आगे बढ़ने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा, “उसकी चालाकी, उसकी योजना बनाने की क्षमता और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना सिर्फ उसकी ताकत या कमजोरी नहीं है, बल्कि उसके जीवन के अनुभवों को समझने का तरीका है।” एक अभिनेत्री के रूप में दिव्या दत्ता अपने किरदारों में गहराई और बारीकी लाने के लिए जानी जाती हैं।
उन्होंने कहा, “जब हम कोई किरदार निभाते हैं, तो जरूरी होता है कि उसके हर पहलू को अलग-अलग ढंग से दिखाएं – चाहे वह शब्दों की टोन हो, चेहरे के हाव-भाव हों या फिर संवादों की अदायगी में सूक्ष्म परिवर्तन। इससे किरदार दर्शकों के लिए ज्यादा सजीव और प्रभावशाली बनता है।” दिव्या ने 1994 में ‘इश्क में जीना, इश्क में मरना’ से फिल्मी करियर की शुरुआत की थी और तब से उन्होंने अपने अभिनय से कई जटिल और भावनात्मक भूमिकाओं को बखूबी निभाया है। उनका मानना है कि हर किरदार में थोड़ा-सा मस्ती, चालाकी, समझदारी और इमोशन जोड़ने से वह अधिक मानवीय और जुड़ाव भरा बनता है।
‘मायासभा: द राइज ऑफ द टाइटन्स’ एक राजनीतिक वेब सीरीज है, जिसका निर्देशन देवा कट्टा और किरण जय कुमार ने किया है। इस सीरीज में दिव्या के साथ-साथ चैतन्य राव, आधी, रवींद्र विजय, नासर, साई कुमार और चरिता वर्मा जैसे अनुभवी कलाकार भी नजर आएंगे। यह सीरीज 1990 के दशक के आंध्र प्रदेश की राजनीति पर आधारित है और इसमें नारा चंद्रबाबू नायडू और वाई. एस. राजशेखर रेड्डी के बीच राजनीतिक रिश्तों और उनके बदलते समीकरणों को नाटकीय अंदाज में दर्शाया गया है।

संसद में NEET विवाद पर बढ़ा सियासी टकराव, राहुल गांधी की बैठक से क्या निकलेगा हल?
CJP प्रोटेस्ट विवाद: सरकार ने कहा- संवाद के रास्ते खुले, 4 बार भेजा बातचीत का न्योता
हापुड़ में 6 साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म प्रयास, पुलिस ने दर्ज किया केस
शिक्षा पर कितना निवेश, कितना बदलाव? मोदी सरकार के 12 साल का डेटा आया सामने
झाबुआ रेल विवाद: 6 घंटे इंतजार के बाद यात्रियों ने रोका ट्रैक, बोले- लोकल को दी जा रही प्राथमिकता
अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन की सजा पर अब अगली तारीख, कोर्ट में क्यों टला फैसला?
'युवा सीधे संवाद चाहते हैं', विक्रमादित्य सिंह ने PM मोदी को दिया सुझाव
₹35 हजार का जुर्माना और 1000 लोगों को भोज, छत्तीसगढ़ से सामने आया चौंकाने वाला मामला
आलिया भट्ट, माधवन समेत कई सेलेब्स आए छात्रों के समर्थन में, सोशल मीडिया पर रखी राय