इबोला की आशंका से इटली में दहशत, अस्पताल में मरीज की जांच जारी
काग्लियारी। इटली के प्रसिद्ध काग्लियारी शहर में इबोला वायरस का एक बेहद संदिग्ध मामला सामने आने के बाद पूरे देश के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। अफ्रीकी देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य से हाल ही में लौटे एक मरीज में इबोला वायरस के गंभीर लक्षण देखे गए हैं। इसके तुरंत बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने सक्रियता दिखाते हुए पीड़ित को सारदीनिया की राजधानी स्थित एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। इस संदिग्ध मामले के सामने आते ही स्थानीय नागरिकों और प्रशासन में चिंता का माहौल है।
मरीज को कड़ी सुरक्षा के बीच आइसोलेशन में रखा गया
संक्रमण के इस संभावित खतरे की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं। संदिग्ध मरीज को वर्तमान में अस्पताल के 'इन्फेक्शियस डिजीज' (संक्रामक रोग) विभाग में पूरी तरह से एक अलग वार्ड यानी आइसोलेशन में रखा गया है। अस्पताल परिसर और शहर में वायरस के किसी भी संभावित प्रसार या संक्रमण को फैलने से पूरी तरह रोकने के लिए सभी कड़े चिकित्सा और सुरक्षा नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
रोम की प्रसिद्ध लैब भेजे गए टेस्ट सैंपल
मरीज में इबोला वायरस की मौजूदगी की सटीक पुष्टि करने के लिए उसके टेस्ट सैंपल ले लिए गए हैं। सुरक्षा और समय की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए इन सैंपलों को एक विशेष हवाई एम्बुलेंस (एयर एम्बुलेंस) के जरिए रोम की विश्व प्रसिद्ध 'स्पालनजानी लैब' में जांच के लिए भेजा गया है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम इस समय जांच रिपोर्ट का बड़ी उत्सुकता और सतर्कता से इंतजार कर रही है ताकि आगे की चिकित्सा रणनीति तय की जा सके।
प्रधानमंत्री मेलोनी ने यूरोपीय संघ से की बड़ी अपील
इटली की सरकार और शीर्ष नेतृत्व इस पूरी स्थिति पर चौबीसों घंटे बेहद करीबी नजर बनाए हुए है। कांगो में तेजी से पैर पसार रहे खतरनाक 'बुंडिबुग्यो इबोला वायरस' के प्रकोप को देखते हुए इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने वैश्विक स्तर पर चिंता जताई है। उन्होंने यूरोपीय संघ (EU) से आधिकारिक तौर पर अपील की है कि वे बाहरी देशों से आने वाले यात्रियों और अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर तत्काल प्रभाव से सख्त निगरानी व जांच बढ़ा दें। इसके साथ ही, इस वैश्विक स्वास्थ्य संकट से जमीनी स्तर पर निपटने के लिए इटली सरकार ने अपने शीर्ष विशेषज्ञों की एक विशेष मेडिकल टीम को भी कांगो भेजने का बड़ा फैसला किया है।

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