मुंबई में समुद्री लहरों से बिजली पैदा करने की कवायद
मुंबई। देश में बिजली की मांग बढ़ रही है। इसलिए, बिजली उत्पादन के विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। पवन ऊर्जा और सौर ऊर्जा जैसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन मुंबई में एक अलग प्रयोग होने जा रहा है। मुंबई में समुद्री लहरों से बिजली पैदा की जाएगी। यह परियोजना केन्द्र सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी भारत पेट्रोलियम कंपनी लिमिटेड (बीपीसीएल) द्वारा शुरू की जाएगी। इसके लिए एक इजराइली कंपनी का सहयोग लिया जाएगा। खबर है कि समुद्री लहरों से बिजली पैदा करने की देश की पहली पायलट परियोजना मुंबई में चल रही है। भारत ऊर्जा सप्ताह (IEW) कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित किया गया। इसका ध्यान देश की बढ़ती ईंधन एवं ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने पर केंद्रित था। इसका फोकस पर्यावरण अनुकूल एवं स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन पर था। इसके तहत बीपीसीएल ने मुंबई महासागर जैसे तट पर अक्षय ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन की योजना बनाई है।
इजरायली कंपनी वेव पावर के साथ होगा समझौता
बीपीसीएल और इजराइल की इको वेव पावर तरंग ऊर्जा उत्पादन परियोजना के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। मुंबई तट पर 100 किलोवाट बिजली उत्पादन परियोजना शुरू की जाएगी। इको पावर कंपनी ने इस परियोजना को इजराइल में सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने इस संबंध में इसी सप्ताह समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई है।
यह परियोजना किन देशों में चल रही है?
इजराइल के तेल अवीव में मुख्यालय वाली इको वेव पावर ने कुछ देशों में समुद्री लहरों से बिजली पैदा करने की परियोजनाओं को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। इनमें इजराइल, स्पेन में जिब्राल्टर और पुर्तगाल जैसे स्थान शामिल हैं। इस स्थान पर पांच से 20 मेगावाट की तरंग ऊर्जा परियोजना चल रही है। इसी तकनीक का उपयोग मुंबई तट पर बिजली पैदा करने के लिए किया जाएगा। भारत में बिजली की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसलिए, बिजली उत्पादन के नए विकल्प तलाशे जा रहे हैं। वर्तमान में सौर ऊर्जा के बड़े पैमाने पर उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। लेकिन सूर्यास्त के बाद सौर ऊर्जा की उत्पादकता कम हो जाती है।

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