हर मुकाम हासिल किया, फिर भी रह गया एक मलाल
आशा भोसले बहुत प्रतिभाशाली गायिका थीं। उन्होंने 80 साल लंबे करियर में ढेर सारे यादगार गाने गाए। उनकी आवाज में गहरी भावना थी, जिसने लोगों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। आशा भोसले को अपने सिंगिंग करियर में अब तक 100 से अधिक अवॉर्ड मिल चुके हैं। इस लिस्ट में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान शामिल हैं। लेकिन इन अवॉर्ड्स के बावजूद उनकी कुछ और भी इच्छा थी, जो अधूरी ही रह गई।
अंग्रेजी न सीख पाने का था मलाल
दरअसल, आशा भोसले को इस बात का मलाल था कि उन्हें सही से पढ़ाई करने का मौका नहीं मिला। साथ ही वे अंग्रेजी सही से नहीं सीख पाईं। अगर उन्हें आगे पढ़ने का मौका मिला होता, तो उन्होंने अंग्रेजी में भी गाने गाए होते। इससे वे और कीर्तिमान स्थापित कर पातीं।
मुझे बहुत अफसोस होता है
दुबई के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल (GIIS) के 'लीडरशिप लेक्चर सीरीज' में शामिल होने पर उन्होंने इस बात का खुलासा किया था। उन्होंने कहा था, ‘मैंने ज्यादा पढ़ाई नहीं की। आज जब मैं विदेश जाती हूं, अमेरिका या लंदन जाती हूं, तो उनके गाने सुनकर मुझे बहुत अफसोस होता है। मुझे बुरा लगता है कि मैं उनकी बोली नहीं सीख पाई।’
हम जीवन में अलग ही ऊंचाइयों पर होते
उन्होंने आगे कहा, ‘अब मुझे बहुत अफसोस होता है कि अगर हमें आगे पढ़ाया जाता, तो हम जीवन में अलग ही ऊंचाइयों पर होते और मैं अंग्रेजी गीतों में बहुत आगे बढ़ती क्योंकि हमारा स्टाइल और अंग्रेजी शब्द मुझे और ऊंचाइयों तक ले जाते।'
शो में जाहिर की थी आखिरी इच्छा
साथ ही एक पॉडकास्ट में आशा ताई ने एक ऐसी इच्छा का जिक्र किया था, जिसे सुनकर सभी की आंखें नम हो गईं थीं। उन्होंने शो में कहा, 'मुझे अपनी सिंगिंग के लिए बहुत प्यार मिला है और मैं खुद चाहती हूं कि मैं गाती-गाती ही चली जाऊं। ये मेरी इच्छा है। अब मुझे सीखना कुछ नहीं है। अब सीखूं क्या? गाना मेरी लाइफ है। बचपन से गाया है।'

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