जरूरतमंद बच्चों के लिए आगे आए खंडेलवाल, शिक्षा का लिया संकल्प
बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल से विधायक एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की प्रेरणा से संचालित एक अनूठी परोपकारी पहल के अंतर्गत जिले के 59 अनाथ और साधनहीन बच्चों के शिक्षण एवं उज्ज्वल भविष्य को संवारने का महती उत्तरदायित्व उठाया गया है। इस जनकल्याणकारी योजना के जरिए न केवल इन बेसहारा बच्चों की स्कूली शिक्षा का पूरा प्रबंध किया जा रहा है, बल्कि उनके आश्रित परिवारों को भी सुदृढ़ वित्तीय संबल प्रदान किया जा रहा है। ज्ञात हो कि पूर्व जननेता स्वर्गीय विजय कुमार खंडेलवाल की पुण्य स्मृति में स्थापित 'विजय सेवा न्यास' द्वारा 'बेसहारा को सहारा' नामक एक विशेष सेवा अभियान चलाया जा रहा है। इस मानवीय अभियान के तहत उन मासूम बच्चों को संबल दिया जा रहा है, जिनके सिर से गंभीर बीमारी, अचानक हुई दुर्घटना या किन्हीं अन्य दुखों के कारण उनके माता-पिता या संरक्षकों का साया हमेशा के लिए उठ गया है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जहां इस अभियान के अंतर्गत 41 बच्चों को सहायता पहुंचाई गई थी, वहीं वर्तमान वर्ष 2026 में इस परोपकारी कार्य का दायरा बढ़ाते हुए हितग्राही बच्चों की संख्या 59 तक पहुंच चुकी है।
निजी स्कूलों की फीस का भुगतान और शैक्षणिक सामग्री के लिए वार्षिक वित्तीय पैकेज
इस परोपकारी योजना के व्यावहारिक स्वरूप के तहत निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे जरूरतमंद बच्चों की संपूर्ण शिक्षण फीस का भुगतान सीधे न्यास द्वारा किया जा रहा है। इसके साथ ही, बच्चों को किताबों, कॉपियों, यूनिफॉर्म तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्रियों की खरीद में कोई असुविधा न हो, इसके लिए अलग से नकद आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा रही है। बच्चों की देखरेख करने वाले उनके वृद्ध दादा-दादी, नाना-नानी या अन्य परिजनों को भी एक निश्चित वार्षिक वित्तीय पैकेज दिया जा रहा है ताकि घरेलू तंगी के चलते किसी भी बालक या बालिका की पढ़ाई बीच में न छूटे। इसके अतिरिक्त, जो विद्यार्थी शासकीय विद्यालयों अथवा विभिन्न सरकारी छात्रावासों में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उन्हें भी उनकी विशेष आवश्यकताओं के अनुरूप अतिरिक्त वित्तीय मदद दी जा रही है।
घरेलू तंगी से अवरुद्ध हो रही थी शिक्षा और बच्चों को मिला जीवन संवारने का नया संबल
इस कल्याणकारी अभियान से लाभान्वित होने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों ने अत्यंत भावुक होते हुए बताया कि माता-पिता के असमय अवसान के बाद उपजे गहरे आर्थिक संकट के कारण बच्चों की आगे की पढ़ाई जारी रखना पूरी तरह असंभव प्रतीत हो रहा था। ऐसी घोर निराशा के समय विजय सेवा न्यास की इस समयोचित सहायता ने उनके जीवन में उम्मीद का एक नया दीया रोशन किया है। अनेक प्रभावित परिवारों ने इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए इसे अपने बच्चों के अंधकारमय होते भविष्य के लिए एक वरदान और सबसे बड़ा ईश्वरीय सहारा बताया है।
शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में अनूठी मिसाल और स्थानीय निवासियों में सराहना का माहौल
संपूर्ण बैतूल जिले में यह सामाजिक सरोकार शिक्षा के प्रसार और पीड़ित मानवता की सेवा के क्षेत्र में एक बेहद अनुकरणीय एवं सकारात्मक मिसाल बनकर उभरा है। स्थानीय बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का दृढ़ विश्वास है कि समाज के संपन्न और सक्षम राजनैतिक नेतृत्व द्वारा किए जाने वाले इस प्रकार के निःस्वार्थ प्रयास वास्तव में हाशिए पर खड़े अंतिम पंक्ति के बच्चों के जीवन में युगांतकारी परिवर्तन ला सकते हैं। लोगों का मानना है कि ऐसी निरंतर सहायता से ये बेसहारा बच्चे आगे चलकर देश के जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनेंगे तथा समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा सकेंगे।

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