बाजारों में बंदरों के हमलों से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित
महेंद्रगढ़। शहर में बंदरों का उत्पाद दिनों-दिन बढ़ता ही जा रहा है, जिससे अब स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है। बंदरों के इस बढ़ते खौफ के कारण आम नागरिकों से लेकर स्थानीय दुकानदारों तक में दहशत का माहौल है। स्थिति यह हो गई है कि शहर के प्रमुख बाजार, दुकानें और रिहायशी कॉलोनियां पूरी तरह से इन बंदरों के आगोश में आ चुकी हैं, जिससे हर वक्त किसी न किसी हादसे का डर बना रहता है।
व्यापार मंडल ने खोला मोर्चा, तहसीलदार को दी चेतावनी
बंदरों की इस गंभीर समस्या से नाराज 'व्यापार मंडल महेंद्रगढ़' ने शनिवार को कड़ा कदम उठाया। व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एकजुट होकर उपमंडल अधिकारी (नागरिक) के नाम तहसीलदार को एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा। इस दौरान व्यापारियों ने जल्द से जल्द बंदरों को पकड़वाने और शहर को इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की।
नगरपालिका प्रशासन के रवैये से जनता में भारी आक्रोश
दुकानदारों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि धरातल पर हालात इतने बदतर हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय नगरपालिका प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। प्रशासन की इस अनदेखी और लापरवाही के कारण व्यापारियों और आम जनता में गहरा रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
बाजारों में ठप हो रहा धंधा, राहगीरों पर मंडरा रहा खतरा
मुख्य बाजारों में बंदरों की टोलियां जमा होने के कारण ग्राहक दुकानों पर आने से कतराने लगे हैं, जिसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। इसके साथ ही, छतों और गलियों में घूम रहे ये बंदर आए दिन राहगीरों और बच्चों पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन बंदरों को पकड़कर जंगल में नहीं छोड़ा गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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