तेल और गैस की खोज में नया युग, भारत ने अंतरराष्ट्रीय तकनीक को दी मंज़ूरी
भारत ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए समुद्र के भीतर 2.5 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में तेल व गैस की खोज व उत्पादन का अभियान शुरू किया है। इस रणनीतिक परियोजना के लिए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहयोग के द्वार खोले हैं और कई देशों के साथ साझेदारी पर बातचीत जारी है।
पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यह परियोजना भारतीय समुद्री सीमा के पूर्वी व पश्चिमी अपतटीय क्षेत्रों में डीपवॉटर हाइड्रोकार्बन खोज के रूप में शुरू की जा रही है। यह क्षेत्र अरब सागर और बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है और वैज्ञानिक सर्वेक्षणों से यहां तेल व प्राकृतिक गैस की संभावनाएं उजागर हुई हैं। डीपवाटर का मतलब समुद्र की वह गहराई जहां पारंपरिक कम गहराई वाले क्षेत्रों से आगे जाकर तेल-गैस की खोज होती है। यह कार्य 500 मीटर से अधिक गहरे क्षेत्रों में किया जाता है।
सरकार ने विदेशी तेल कंपनियों व तकनीकी विशेषज्ञ संस्थाओं को किया आमंत्रित
परियोजना के अंतर्गत ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) व ऑयल इंडिया जैसी सरकारी कंपनियां मुख्य भूमिका निभा रही हैं। सरकार ने विदेशी तेल कंपनियों व तकनीकी विशेषज्ञ संस्थाओं को भी इस अभियान में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया है। नॉर्वे, रूस और अमेरिका जैसे तकनीकी रूप से उन्नत देशों के साथ सहयोग हेतु मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर विचार जारी है। सरकार ने मल्टी-क्लाइंट सेस्मिक डेटा अधिग्रहण, 3डी सब-सर्फेस मैपिंग व अत्याधुनिक डीपवॉटर ड्रिलिंग तकनीकों के लिए वैश्विक निविदा जारी किए हैं। इन तकनीकों के जरिये समुद्र की गहराई में 3,000 मीटर तक खुदाई कर भंडारों का परीक्षण किया जाएगा। ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी ऐसी नीति है, जिसके तहत कंपनियां हाइड्रोकार्बन जैसे तेल व गैस की खोज के लिए सरकार की औपचारिक नीलामी की प्रतीक्षा किए बिना पसंदीदा क्षेत्रों का चयन कर सकती हैं।
कच्चे तेल के आयात पर 13 लाख करोड़ खर्च
भारत ने वर्ष 2023-24 में कच्चे तेल के आयात पर 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। यह भारी आयात बिल भारत के चालू खाता घाटा और विदेशी मुद्रा भंडार पर भी दबाव बनाता है।

सशक्त समाज निर्माण में शिक्षा और संगठन की भूमिका अहम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का किया आत्मीय स्वागत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 131वीं कड़ी
मालवा की अनुकूल भौगोलिक स्थिति और सुदृढ़ अधोसंरचना से औद्योगिक विकास को मिली नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की पहल ‘देखो अपना देश’ से जागा युवाओं में उत्साह
देश के प्रत्येक व्यक्ति को जनजातीय इतिहास को जानना चाहिए: चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति सूर्यकांत
27 दिनों तक चिकित्सकों की देखभाल से नन्हीं जान को मिला नया जीवन
नवाचार और तकनीक से मध्यप्रदेश को बनाया जायेगा अग्रणी कृषि राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
"मन की बात" देश और देशवासियों की उपलब्धियों को सामने लाने का एक प्रभावी प्लेटफार्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चौहान से मुलाकात कर जाना स्वास्थ्य का हाल