मऊगंज में दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग, पुलिस ने महीनों बाद आरोपी को धर-दबोचा
मऊगंज के हनुमना थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और अश्लील वीडियो वायरल करने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने आरोपी प्रवीण कुमार कुशवाहा उर्फ लालू को गिरफ्तार कर लिया है. यह मामला बीते कई महीनों से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है |
पीड़िता ने बताई खौफनाक दास्तान
फरियादी महिला के अनुसार, वह अपने घर पर अकेली थी, तभी आरोपी प्रवीण कुशवाहा उसके घर पहुंचा और जबरन दुष्कर्म किया. इसके बाद वह लगातार उसे डराता-धमकाता रहा और कई बार शारीरिक शोषण करने के साथ अश्लील वीडियो भी बना लिया. शादी के बाद भी आरोपी उसके पीछे पड़ा रहा. फोन और व्हाट्सऐप पर लगातार दबाव बनाना, शारीरिक संबंध बनाने की मजबूरी और वीडियो वायरल करने की चेतावनी देना उसकी हरकतों में शामिल था |
पति को भेज दिया अश्लील वीडियो
घटना का सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब 09 जून 2025 को आरोपी ने पीड़िता के पति कमलाकांत कुशवाहा के व्हाट्सऐप पर पुराना अश्लील वीडियो भेज दिया. इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सऐप कॉल पर पीड़िता और उसके परिवार को खत्म करने की धमकी भी दी |
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ केस
पीड़िता की शिकायत पर हनुमना थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64, 64(2)(F), 351(2)(B) और आईटी एक्ट की धारा 67 व 67A के तहत मामला दर्ज किया है. ये धाराएँ दुष्कर्म, धमकी, साइबर क्राइम और अश्लील सामग्री के प्रसार जैसे गंभीर अपराधों को कवर करती हैं |
पुलिस ने दबिश देकर पकड़ा आरोपी
कई दिनों से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने 03 दिसंबर 2025 को दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी |

रुद्राक्ष पहनने से पहले जरूर जानें: महिलाओं के लिए सही रुद्राक्ष और उसके नियम
‘काशी के कोतवाल’ Kal Bhairav की कहानी: आखिर क्यों हुआ Brahma का शिरच्छेद?
UP में बड़ा दांव! Chirag Paswan की एंट्री, सभी सीटों पर उतरने की तैयारी
‘अपमान का बदला ले जनता’: SIR विवाद पर Mamata Banerjee का बड़ा बयान
प्रचार बंद, अब सियासत का फैसला बड़े गठबंधन और नेताओं पर निर्भर
चुनावी मैदान में अनोखा अंदाज, बुलडोजर लेकर पहुंचे प्रत्याशी
पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान तेज, Indian National Congress ने झोंकी स्टार प्रचारकों की फौज
विक्रम यूनिवर्सिटी ने विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया