सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा, केंद्र सरकार ने तलब की जानकारी
दिल्ली |राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ी गंभीर सड़क दुर्घटनाओं ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के साथ केंद्र सरकार को भी सकते में डाल दिया है। दिल्ली में 2016 के बाद गंभीर सड़क हादसों में (ऐसी दुर्घटनाएं जिसमें मौत होती हैं, फेटल एक्सीडेंट) वर्ष 2025 में बढ़ी हैं। वर्ष 2024 के मुकाबले वर्ष 2025 में फेटल एक्सीडेंट में 4.26 फीसदी बढ़ी है। ऐसे में केंद्र सरकार ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को बढ़ती जानलेवा दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाने के लिए आदेश दिए हैं। दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक डिवीजन) नीरज ठाकुर ने बताया कि केंद्र सरकार के आदेश पर सेव फाउंडेशन ऑफ इंडिया नामक एनजीओ से सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे में ये देखा जाएगा कि आखिर दिल्ली में गंभीर सड़क दुर्घटनांए क्यों बढ़ी हैं। इनके कारण क्या हैं, सड़कों में क्या कमी हैं, वाहन दिल्ली की सड़क पर किस तरह से दौड़ रहे हैं, जो दुर्घटनाएं हो रही हैं। दिल्ली पुलिस के उपायुक्त (ट्रैफिक डिवीजन) एस के सिंह ने बताया कि एनजीओ को जल्द ही रिपोर्ट देने को कहा है। विशेष पुलिस आयुक्त ने बताया कि इसके अलावा दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जाम वाले 62 डार्क स्पॉट का पता लगाया है। इनमें से ट्रैफिक पुलिस ने 30 जगहों को प्रमुखता पर रखा है। साथ ही इन जगहों पर खामियोंं को लेकर संबंधित एजेंसियों को लिख दिया गया है। दिल्ली सरकार को भी इस बारे में जानकारी दे दी गई है और दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव इस बारे में अध्ययन कर रहे हैं। इनमें जाम वाली जगह ज्यादा है। जाम के चलते भी दुर्घटनाएं होती हैं। 7 वर्षों में सबसे ज्यादा सड़क हादसे : पिछले वर्ष दिल्ली में सड़क हादसोंं में 1600 से अधिक लोगों की जान गई थी, जो पिछले सात वर्ष में राष्ट्रीय राजधानी में दर्ज की गईं की गई मौतों में सबसे अधिक है। 31 दिसंबर तक सड़क दुर्घटना आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण के अनुसार दिल्ली में 2025 में 1578 घातक सड़क हादसों में 1617 लोगों की मौत हुई। यह 2019 के बाद से सबसे अधिक मौतें हैं। वर्ष 2024 में 1504 घातक हादसों में 1551 लोगों की मौत हुई है। प्रतिशत के हिसाब से घातक हादसों में 4.92 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि मौतों में पिछले वर्ष की तुलना में 4.26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की
गई है।
सड़क दुर्घनाओं में मामूली वृद्धि
आंकड़ों से पता लगता है कि सड़क दुर्घटनाओं की कुल संख्या में मामूली वृद्धि हुई है, जो वर्ष 2024 में 5657 से बढ़कर 2025 में 5689 हो गई हैं। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की संख्या 1.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 2024 में 5224 से बढ़कर 2025 में 5314 हो गई। विपरीत गैर चोट वाली दुर्घटनाओं में 27.4 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। ये वर्ष 2024 में 84 मामलों से घटकर 2025 में 61 रह गई है। मालूली चोटों वाली दुर्घटनाओं में भी मामूली गिरावट आई है। यह 4069 मामलों से घटकर 4050 आ गई है।
ये भी हैं कारण
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मानते हैं कि सड़क हादसों में बढ़ती मौतें ट्रैफिक के घनत्व में बढ़ोत्तरी, वाहनों की औसत गति में बढ़ोत्तरी, शराब पीकर वाहन चलाना, ओवर स्पीडिंग, लाल बत्ती जंप करना और बिना हेलमेट व सीट बेल्ट के बिना वाहन चलाना को मानते हैं। हालांकि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस स्कूलो, संस्थाओं में जागरूकता अभियान, सड़कों पर नुक्कड़ नाटक, सभी वाहनों के ड्राइवरों को बुलाकर उन्हें ट्रेनिंग दी जाती है।

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