कुड़े से मिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार
सूरजपुर : स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अभिसरण से बने सेग्रीगेशन शेड ने सूरजपुर जिले के जनपद पंचायत भैयाथान के ग्राम तेलगांव जहां पहले कचरे का ढेर हुआ करता था। जिसे वहा के स्वच्छता दीदियों के द्वारा कचरे का निस्तारण कर गांव की सड़कों एवं गलियों और चौंक-चौराहों को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। खुले में शौचमुक्त गांव बनने के वाद अब तेलगांव प्लास्टिक एवं कूड़ा-करकट मुक्त ग्राम पंचायत भी बन गया है। सड़कों एवं गलियों और चौक-चौराहों पर फेंके जाने वाले कचरे को वहां की स्वं सहायता समूह की महिलाओं ने अतिरिक्त कमाई का जरिया बनाया है। पिछले एक साल समूह के द्वारा कचरे के निस्तारण किया जा रहा है।कचरा संग्रहण तथा उसे अलग-अलग कर निस्तारित करने का काम इन महिलाओं के लिए सहज-सरल नहीं था। शुरुआत में जब वे रिक्शा लेकर कचरा संकलन के लिए घर-घर जाती थीं तो लोग उन्हें ऐसे देखते थे जैसे वह कोई खराब काम कर रही हो कचरा देने से ग्रामीण मना किया करते थे। धीरे-धीरे समूह की महिलाओं का मनोबल स्वच्छ भारत मिशन की टीम द्वारा स्वच्छता दीदी को स्वच्छता के क्षेत्र में कार्य हेतु प्रोत्साहित किया गया उनके मनोबल को कमजोर होने नहीं दिया।
लोगों की हिकारत भरी नजरों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और ग्राम पंचायत के सहयोग से इस काम को जारी रखा। इनके काम से गांव लगातार साफ-सुथरा होते गये, तब लोगों का नजरिया भी बदलने लगा। अब गांव वाले इन्हें सम्मान के साथ स्वच्छता दीदी कहकर पुकारते हैं।
तेलगांव के कुबेर महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सफाई मित्र के रूप में घर-घर जाकर कचरा संकलित करती हैं। सेग्रीगेशन शेड यानी ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन केन्द्र में वे संकलित कचरा में से उनकी प्रकृति के हिसाब से उन्हें अलग-अलग करती हैं। और कचरे को बेचकर आय का साधन बना रही है। कुबेर महिला स्वयं सहायता समूह- जयकुमारी, प्रियंका, चांदनी, बाबी है।

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