अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का, अरबों का नुकसान
सोमवार, 23 जून को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा लुढ़क गया और निफ्टी 50 भी 24,850 के नीचे आ गया. यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले और इसके चलते तनाव के कारण हुई है. इस तनाव ने दुनियाभर के बाजारों की भावनाओं को झकझोर दिया है और निवेशकों के मन में डर और अनिश्चितता का माहौल बना दिया है. आइए इस गिरावट के पीछे की वजह जानते हैं.
अमेरिका का ईरान पर हमला
अमेरिका ने शनिवार को ईरान की तीन न्यूक्लियर फैसिलिटी पर आश्चर्यजनक हमला किया. यह हमला इजराइल और ईरान के बीच पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ाने वाला साबित हुआ. इस कदम ने यह उम्मीद तोड़ दी है कि यह युद्ध जल्द शांत होगा. अब निवेशक डर रहे हैं कि अगर ईरान ने पलटवार किया, तो मिडिल ईस्ट में युद्ध और फैल सकता है, जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है.
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
इस जियो पॉलिटिकल तनाव का असर सीधे क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ा है, जो अब 79.29 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुकी हैं. भारत जैसे तेल इंपोर्ट करने वाले देश के लिए यह स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है. इससे महंगाई बढ़ेगी, रुपये पर दबाव बढ़ेगा, कंपनियों की लागत बढ़ेगी और मुनाफा घटेगा.
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की धमकी
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल अब हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की संभावना पर विचार कर रही है. यह रास्ता दुनिया की करीब 20 फीसदी कच्चे तेल की सप्लाई के लिए सबसे अहम है. अगर यह रास्ता बंद होता है, तो तेल की ग्लोबल सप्लाई पर सीधा असर पड़ेगा, कीमतें तेजी से बढ़ेंगी और भारत जैसे देशों की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है.
एशियाई बाजारों में बिकवाली का दबाव
सुबह 9 बजे तक के एशियाई बाजारों के अपडेट के मुताबिक, गिफ्ट निफ्टी 149 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था. जापान के निक्केई इंडेक्स में 152 अंकों की बिकवाली देखी गई, जबकि हैंग सेंग में 19 अंकों की हल्की कमजोरी रही. ताइवान के बाजार में 360 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. वहीं, कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी 0.51 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा था.
बाजार में शुरुआती गिरावट की स्थिति
- सेंसेक्स 82,408.17 के पिछले बंद स्तर से गिरकर 81,476.76 के निचले स्तर तक पहुंच गया, जो कि 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट है.
- निफ्टी 50 भी 25,112.40 से गिरकर 24,824.85 के स्तर पर पहुंचा.
- BSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई.
- इस दौरान निवेशकों के 3 लाख करोड़ से ज्यादा डूब गए.
डिस्क्लेमर: यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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