भोपाल समेत 28 शहरों में सामान्य से नीचे टेम्प्रेचर
भोपाल । उत्तरी हवाओं के असर से मप्र में सर्दी बढ़ गई है। कई शहरों में रात का टेम्प्रेचर 15 डिग्री के नीचे आ गया है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर-उज्जैन समेत 28 शहरों में पारा सामान्य से नीचे है। ऐसा ही मौसम अगले कुछ दिन और बना रहेगा। गुरुवार सुबह ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग के कई जिलों में कोहरा रहा।मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार सुबह ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, मुरैना, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल में भी सुबह के समय कोहरा है। यहां 1 से 2 किलोमीटर तक विजिबिलिटी यानी, दृश्यता है। राजधानी में पिछले 5 दिन से ऐसा ही मौसम है।
नवंबर में पिछले साल से भी ज्यादा ठंडा है भोपाल
प्रदेश के 5 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में रात का टेम्प्रेचर सामान्य यानी, 15 डिग्री के नीचे है। भोपाल में पिछले साल के मुकाबले इस बार अभी से ज्यादा सर्दी पड़ रही है। यहां पिछले साल जहां नवंबर में रात का टेम्प्रेचर 12.8 डिग्री तक ही पहुंचा था। वहीं मंगलवार-बुधवार की रात टेम्प्रेचर 11 डिग्री दर्ज किया गया। यह 10 साल में नवंबर का सातवां सबसे कम तापमान है। इस समय जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में बर्फबारी हो रही है। वहीं, पश्चिम-उत्तर भारत में जेट स्ट्रीम हवाएं भी चल रही हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस का भी असर है। ऐसे में उत्तरी हवाएं मध्यप्रदेश में आ रही है, जिससे पारा लुढक़ गया हैं। आने वाले दिनों में पारे में और भी गिरावट हो सकती है। अभी रात के साथ दिन भी ठंडे है।

एमपी विधानसभा के बजट सत्र को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड मे, निजी सुरक्षा कर्मियों पर रोक, नए नियम लागू
असम में ‘मिया’ मुसलमानों को लेकर क्यों तेज हुई सियासी मुहिम? विवादित वीडियो से बढ़ा राजनीतिक टकराव
जनसंपर्क अधिकारी पर दबाव और झूठे आरोपों का मामला: रॉयल प्रेस क्लब ने एमपी नगर थाने में दी शिकायत
वाराणसी कचहरी में बम धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
कुक स्ट्रेट फतह करने वाले पहले एशियन पैरास्विमर बने सतेंद्र, 9 घंटे 22 मिनट में रचा इतिहास
राज्यसभा में कांग्रेस के भीतर तकरार, खरगे और जयराम रमेश के बीच तीखी बहस
जयपुर में दिल दहला देने वाली वारदात, पिता ने 8 महीने की मासूम की हत्या की
धीरेन्द्र शास्त्री की ‘माला-भाला’ नसीहत पर सियासी बवाल, कांग्रेस ने FIR की मांग उठाई
मनसे नेता देशपांडे ने उद्धव गुट के पार्षदों पर लगाए गंभीर आरोप… बोले- एक-एक करोड़ में बिके
कचरा प्रबंधन नियमों में बार-बार बदलाव से जमीनी हकीकत में सुधार नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट