बिहार में विपक्षी गठबंधन में तनातनी, तेजस्वी के लिए खड़ी हो रहीं चुनौतियां
पटना। बिहार में विपक्षी गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। यहां जो खबरें आ रहीं है उसके आधार पर चर्चा होने लगी है कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले समय में तेजस्वी यादव की राह में कई तरह की चुनौतियां खड़ी हो जाएंगी।एनडीए में तो केवल बयानबाजी तक ही बात सीमित रही है, जबकि विपक्षी दलों के बीच विवाद बहुत गहरा गया है। विपक्षी गठबंधन की सबसे बड़ी चिंता आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व को लेकर उत्पन्न हुई है। लालू यादव अपने बेटे तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं, और इसके लिए वे अपनी सारी ताकत झोंक रहे हैं। तेजस्वी भी अपना काम कड़ी मेहनत से कर रहे हैं, लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि आरजेडी के भीतर ही पार्टी के बड़े नेता उनके साथ नहीं हैं।
लालू यादव का कांग्रेस और वाम दलों के साथ गठबंधन काफी पुराना है, और वे कई बार पार्टी के हित में कांग्रेस के पक्ष में खड़े रहे हैं। हालांकि, पिछले साल पटना में हुई इंडिया ब्लॉक की बैठक में उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व को चुनौती दी और ममता बनर्जी को इस गठबंधन का नेतृत्व सौंपने पर सहमति दे दी। यह स्थिति कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि राहुल गांधी को पहले ही बिहार में तेजस्वी यादव द्वारा ड्राइवर की भूमिका निभाई गई थी, और अब कांग्रेस और लालू के बीच रिश्ते और भी खटास भरे हुए हैं। इस स्थिति में, राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन का स्वरूप भी प्रभावित हुआ है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान ममता बनर्जी ने कांग्रेस को किनारे कर दिया था, और अब आम आदमी पार्टी और टीएमसी भी कांग्रेस के खिलाफ सख्त रुख अपना रही हैं।
फरवरी 2024 से लेकर अब तक कई प्रमुख नेताओं ने आरजेडी को छोड़ दिया है, जिनमें अफाक करीम, बुलो मंडल, देवेंद्र प्रसाद यादव, रामबली प्रसाद चंद्रवंशी और श्याम रजक जैसे नेता शामिल हैं। अब पूर्व एमएलसी आजाद गांधी ने भी पार्टी छोड़ दी है। इसके अलावा, आरजेडी के दो विधायक चेतन आनंद और नीलम देवी ने फरवरी में तेजस्वी यादव की योजना को झटका दिया था, जब उन्होंने नीतीश कुमार के पक्ष में वोट किया था। इस स्थिति को देखते हुए, तेजस्वी की ताकत लगातार कमजोर होती जा रही है।

Kolkata एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट, इंडिगो विमान की जांच
श्रद्धालुओं के स्वागत में अनोखी प्रस्तुति, काशी विश्वनाथ मंदिर पर हाथ जोड़कर खड़े होंगे पुलिस कर्मचारी
बड़ी कार्रवाई: 17 युवतियों समेत 24 लोग पकड़े गए
चुनावी रेवड़ी या महिला सम्मान? स्टालिन ने करोड़ों महिलाओं को दिए 5000 रुपये
आदिवासी साथ में करते रहे पूजा, तो विवाद क्यों? मंडला में दुर्गा प्रतिमा की स्थापना पर दो पक्ष आमने-सामने
शेख हसीना के बेटे वाजेद बीएनपी से हाथ मिलाने को तैयार
‘रील बनाते समय गई जान’… पति का दावा, परिवार ने जताई साजिश की आशंका
विदेश व्यापार बढ़ाने की रणनीति: केंद्र ने गेहूं और चीनी के निर्यात को दी हरी झंडी