सालों पुराने कब्जे पर आखिरकार चला प्रशासन का डंडा
अंबिकापुर| के गंगापुर में सरकारी जमीन पर बने 37 मकान पर आज बुलडोजर एक्शन देखने को मिला. यहां लोग कई साल पहले सरकारी जमीन पर मकान बनाकर रह रहे थे, लोगों ने इस सरकारी जमीन को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त जमीन माफिया से 50 से 60 हजार रूपये प्रति डिसमिल के रेट में खरीदा था, लेकिन इस जमीन को प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को आवंटित कर दिया था. कब्जा होने के कारण मेडिकल कॉलेज प्रबंधन यहां निर्माण कार्य नहीं कर पा रहा था, इसके कारण जिला प्रशासन के द्वारा कब्जा कर रह रहे लोगों को नोटिस जारी किया गया था. नोटिस 1 साल पहले जारी किया गया था और लोगों को मकान खाली करने का आदेश दिया गया था लेकिन इसके बावजूद लोगों ने मकान खाली नहीं किया|
बुलडोजर एक्शन हुआ
आज सुबह 6:00 बजे जिला प्रशासन के अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बुलडोजर से मकान को तोड़ा गया. इस दौरान स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया. पुलिस से नोक झोक की स्थिति भी बनी लेकिन बाद में किसी तरीके से माहौल शांत हुआ. लोगों ने अपने घरों से घरेलू सामान बाहर निकाला और फिर बुलडोजर एक्शन शुरू हुआ. अधिकारियों के मुताबिक करीब 5 एकड़ सरकारी जमीन को कब्ज से मुक्त कराया गया है|
37 मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही
जानकारी के मुताबिक, करीब 5 एकड़ जमीन में 37 मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है. वहीं दो मकान के निर्माण को यथावत बनाए रखने कोर्ट से स्टे मिला हुआ है. जानकारी के मुताबिक सभी मकान मालिकों ने इस सरकारी जमीन को ढाई से 300000 रुपये में खरीदा था और इसके बाद वह रह रहे थे. इतना ही नहीं नगर निगम प्रशासन के द्वारा यहां धीरे-धीरे बिजली सड़क की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही थी|
जमीन माफिया 1 करोड़ रुपये में जमीन बेचा था
माना जा रहा है की जमीन माफिया ने 39 लोगों को करीब 1 करोड रुपए में पूरी सरकारी जमीन बेची थी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जब लोग इस जमीन पर मकान का निर्माण कर रहे थे तब प्रशासनिक अधिकारियों ने जानबूझकर ध्यान नहीं दिया. नगर निगम प्रशासन भी खामोश रहा क्योंकि जमीन की बिक्री राजनीतिक संरक्षण में हो रही थी और पूरे सिस्टम को पूरे खेल के बारे में पता था|
अतिक्रमण के दौरान ये अधिकारी मौजूद रहे
आज अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व फागेश सिन्हा, तहसीलदार उमेश बाज, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल मौजूद रहे. अंबिकापुर के मठपारा, चाउरपारा इलाके में भी इसी तरीके से सरकारी जमीन की बिक्री के बाद लोग लगातार मकान निर्माण कर रहे हैं|
इन जगहों पर भी मकान निर्माण हो रहा है
इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में भी बड़ी संख्या में सीजीएमएससी के गोदाम के आसपास व औद्योगिक नगर क्षेत्र के पास करीब दो एकड़ जमीन पर प्लाटिंग कर सरकारी जमीन पर मकान का निर्माण किया गया है. लोग भू माफिया से सरकारी जमीन के टुकड़े खरीद रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद इन्हें रोकने की दिशा में प्रशासन के द्वारा अब तक कोई ठोस पहल नहीं किया जा रहा है. ऐसे में आने वाले दिनों में जब कोई गवर्नमेंट का बड़ा प्रोजेक्ट अंबिकापुर आएगा तब जमीन की तलाश होगी और फिर ऐसे सरकारी जमीन पर बने निर्माण को तोड़ा जाएगा|

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