लीड्स टेस्ट में इन 5 गलतियों की वजह से जीतते हुए हार गया भारत
नई दिल्ली। लीड्स में वही हुआ, जिसका हर किसी को डर था। जहां सीनियर खिलाड़ियों के बिना पहली बार इंग्लैंड दौरे पर पहुंची टीम इंडिया नए युग की शुरुआत जीत के साथ हासिल करना चाहती थी, तो वहीं, इंग्लैंड की टीम ने उनके इस इरादे को चकना-चूर कर दिया।
टीम इंडिया ने पूरे मैच में पकड़ बनाई हुई थी, जहां शुरुआती दो दिन उसने मैच में दबदबा बनाया, लेकिन इंग्लैंड ने उतनी ही आसानी से उनसे वो मैच छीन लिया।
दोनों पारियों में उप-कप्तान ऋषभ पंत ने शतकीय पारी खेली थी, जबकि गिल,यशस्वी और केएल ने भी शतक बनाए थे। भारत ने दोनों पारियों में मिलाकर 835 रन बनाए, लेकिन इसके बावजूद उसे इंग्लैंड ने हरा दिया। ऐसे में जानते हैं 5 बड़ी गलतियां जिसके कारण जीता हुआ मैच भारत हार गया।
5 कारण क्यों जीता हुआ मैच हारा भारत?
1. निचले क्रम के बल्लेबाज फ्लॉप हुए
भारतीय टीम लीड्स टेस्ट की दोनों पारियों में बेहद मजबूत स्थिति में थी, लेकिन अचानक निचले क्रम के बल्लेबाजों के लगातार आउट होने ने उन्होंने सब कुछ गंवा दिया। पहली पारी में यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत के शतकों की बदौलत भारत का स्कोर 430/3 था। ऐसा लग रहा था कि टीम 600 के करीब का स्कोर बना सकती है, लेकिन हुआ क्या भारत 471 रन पर ऑलआउट हो गया और सिर्फ 41 रन पर 7 विकेट गिर गए। निचले क्रम के बल्लेबाजों ने हमेशा की तरह कोई योगदान नहीं दिया।
दूसरी ओर देखें तो इंग्लैंड के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने अपनी पहली पारी में 71 महत्वपूर्ण रन जोड़कर भारत के विशाल स्कोर की बराबरी करने में मदद की।
वहीं, दूसरी पारी में भारतीय टीम के लिए स्थिति अलग नहीं थी। ऋषभ पंत ने एक और शतक बनाया और केएल राहुल ने भी शतक जड़ा। एक समय भारत 333/5 पर था और लग रहा था कि वह बड़ा टारगेट इंग्लैंड को देगा, लेकिन उन्होंने अपने आखिरी 5 विकेट सिर्फ 31 रन पर गंवा दिए और 364 रन पर ऑल आउट हो गए।
2. खराब फील्डिंग और कैच ड्रॉप
भारत की फील्डिंग बेहद खराब रही। उन्होंने IND vs ENG 1st Test मैच में करीब 8 कैच छोड़े, जिसमें से अकेले इंग्लैंड की पहली पारी में 6 कैच शामिल थे। साल 2019 के बाद यह उनका सबसे खराब फील्डिंग में प्रदर्शन रहा। युवा क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल ने इस मैच में सबसे ज्यादा (4) कैच छोड़े। एक समय तो ऐसा लग रहा था मानो गेंद जानबूझकर जायसवाल की तरफ जा रही थी क्योंकि उसे पता था कि वह उसे छोड़ देंगे।
यहां तक कि ऋषभ पंत, साई सुदर्शन और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों ने भी कैच छोड़ने की गलती की। इन सभी ने एक-एक कैच छोड़ा, जबकि जायसवाल ने चार कैच टपकाए, जिनमें से तीन बुमराह की गेंदबाजी पर आए।
3. गिल की खराब कप्तानी
बतौर कप्तान शुभमन गिल पहले टेस्ट में कप्तानी को लेकर सवालों के घेरे में है। कप्तान होने के बावजूद उनकी बजाय पंत और केएल जैसे खिलाड़ी फील्डिंग में बदलाव कर रहे थे। गिल को मैदान पर दबाव में देखा गया, खासकर उस वक्त जब इंग्लैंड के बल्लेबाज रनों की बरसात कर रहे थे। शार्दुल ने पहली पारी में सिर्फ 6 ओवर फेंके, जबकि दूसरी पारी में उनका कम ही इस्तेमाल हुआ। दूसरी पारी में जब बेन और क्राउली रन बना रहे थे, तब टीम इंडिया की फील्ड सेटिंग डिफेंसिव नजर आ रही थी।
4. चयन पर उठे सवाल
टीम इंडिया इस मैच में 4 स्पेशलिस्ट गेंदबाजों के साथ उतरी थी। कुलदीप यादव की मैच में साफ कमी देखने को मिली। कुलदीप किसी भी पिच पर गेंद घुमाने की क्षमता रखते हैं। वहीं, अर्शदीप सिंह को भी अगर मौका दिया जाता तो शायद स्थिति कुछ और होती।
भारतीय टीम ने शार्दुल ठाकुर को लीड्स में चौथे सीमर के रूप में चुना था ताकि बल्लेबाजी में गहराई मिले, लेकिन पहली पारी में उन्हें 40वें ओवर में गेंद दी गई और उन्होंने 6 ओवर में 6 से ज्यादा की इकॉनमी से रन लुटाए। दूसरी पारी में उन्होंने दो विकेट लेकर तो लिए, लेकिन वह कुछ खास नहीं कर पाए। इसके साथ ही करुण नायर और साई सुदर्शन भी फ्लॉप रहे। नायर के 0 और 20 के स्कोर और सुदर्शन के 0 और 30 रन बनाए।
5. बुमराह पर निर्भरता
भारतीय टीम की हार की एक वजह ये भी है कि वह जसप्रीत बुमराह पर ज्यादा निर्भर रहें। बुमराह को छोड़े तो बाकी के गेंदबाज बेअसर दिखे। पहली पारी में उन्होंने 5 विकेट लिए, जबकि दूसरी पारी में उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। उनके अलावा कोई और कुछ खास नहीं कर पाया।

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