संतान और सुख प्राप्ति के लिए इस अष्टमी का व्रत है सबसे प्रभावी!
हिन्दू धर्म मे हर तिथि, हर वार का धार्मिक महत्व बताया गया है. इसी प्रकार हर साल माघ महीने में भीष्मअष्टमी मनाई जाती है. हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को भीष्म अष्टमी मनाई जाती है. इस साल भीष्म अष्टमी कल यानी 5 फरवरी को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भीष्म पितामह ने उत्तरायण होने पर अपने प्राण त्याग दिए थे. इस दिन भीष्म पितामह की पुण्यतिथि से भी जाना जाता है. भीष्म अष्टमी का व्रत रखना काफी फलदायी होता है.
भीष्म अष्टमी शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 05 फरवरी को देर रात 02 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगी. वहीं, शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की समाप्ति 06 फरवरी को देर रात 12 बजकर 35 मिनट पर होगी. सनातन धर्म में सूर्योदय के बाद से तिथि की गणना की जाती है. इस प्रकार 05 फरवरी को भीष्म अष्टमी मनाई जाएगी.
भीष्माअष्टमी का महत्व
शास्त्रों के अनुसार भीष्म अष्टमी का पर्व भीष्म पितामह की तर्पण तिथि पर मनाया जाता है. भीष्म पितामह ने ब्रह्मचारी जीवन जीने का प्रण लिया था.उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार मृत्यु का समय चुनने का भी वरदान मिला. भीष्म पितामह ने अपने प्राण त्यागने के लिए माघ शुक्ल अष्टमी को चुना, क्योंकि उस समय सूर्य देव उत्तरायण की ओर बढ़ने लगे थे. हिंदू मान्यताओं के अनुसार यह समय शुभ माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि जो भक्त भीष्म अष्टमी के दिन व्रत रखता है, उसे संतान प्राप्ति होती है.इस तिथि पर पितरों को तर्पण और दान देने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति भी होती है.इसके साथ ही भीष्म अष्टमी के दिन जो व्यक्ति पितामह भीष्म के निमित्त जल तर्पण करता है, उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं.

आज का राशिफल (1 अप्रैल 2026): जानिए करियर, प्यार और सेहत का हाल
प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी
बैंक ने तय किया 686 करोड़ का मुआवजा, एपिस्टीन केस की पीड़ितों के लिए राहत
ट्रंप ने दिया शांति का संकेत, होर्मुज पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं होने पर भी युद्ध स्थगित
जहां चुनावी जीत में शामिल है जादू, भारत का अनोखा शहर
2047 के विकसित भारत के लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने युवा विधायकों के दिलवाए 5 संकल्प
पीएम आवास निर्माण में देश में अव्वल होने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जताया हर्ष
उद्योग मंत्री देवांगन ने तिलक नगर में बाउण्ड्रीवाल निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन
आसमान में मंडराता खतरा: मिडिल-ईस्ट संघर्ष का भारत पर असर