खोले राज: वेनेजुएला की कैबिनेट से कहा- यूएस की शर्तें मानो या मौत के लिए तैयार रहो
कराकस। वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और उसके बाद हुए अचानक सत्ता परिवर्तन को लेकर एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल ला दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लीक हुई रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाली आवाज वेनेजुएला की वर्तमान कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की बताई जा रही है। लगभग छह मिनट की इस बातचीत में वह उस खौफनाक मंजर का जिक्र कर रही हैं जब मादुरो की गिरफ्तारी के तुरंत बाद अमेरिकी बलों ने उन्हें और कैबिनेट के अन्य शीर्ष मंत्रियों को केवल 15 मिनट का समय दिया था।
3 जनवरी की उस भयावह रात, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर मादुरो को उनके देश से उठाकर अमेरिका ले जाया गया, उस वक्त सत्ता के गलियारों में क्या खेल चल रहा था, इसकी परतें अब एक लीक ऑडियो के जरिए खुल रही हैं। यह ऑडियो गवाही दे रहा है कि उस रात वेनेजुएला की कमान डगमगा गई थी और शीर्ष नेताओं को मौत का डर दिखाकर फैसले लेने पर मजबूर किया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लीक हुई रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाली आवाज वेनेजुएला की वर्तमान कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की बताई जा रही है। लगभग छह मिनट की इस बातचीत में वह उस खौफनाक मंजर का जिक्र कर रही हैं जब मादुरो की गिरफ्तारी के तुरंत बाद अमेरिकी बलों ने उन्हें और कैबिनेट के अन्य शीर्ष मंत्रियों को केवल 15 मिनट का समय दिया था। अल्टीमेटम साफ था—या तो वॉशिंगटन की शर्तों को स्वीकार करो या मौत के लिए तैयार रहो। इस ऑडियो ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह महज एक कानूनी कार्रवाई थी या फिर डर और ब्लैकमेल के दम पर किया गया एक पूर्व नियोजित तख्तापलट। ऑडियो में रोड्रिगेज यह कहती सुनाई दे रही हैं कि धमकियां पहले ही मिनट से शुरू हो गई थीं। उनके अनुसार, अमेरिकी सैनिकों ने यह तक झूठ फैलाया कि मादुरो को सिर्फ गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि उन्हें मार दिया गया है। यह सुनकर गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो सहित कई वरिष्ठ नेता बुरी तरह सहम गए थे और किसी भी अंजाम को भुगतने के लिए तैयार थे। रिकॉर्डिंग में सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों के बीच फैला भय, असमंजस और लाचारी स्पष्ट रूप से महसूस की जा सकती है।
हालांकि, इस घटनाक्रम का एक दूसरा पहलू और भी चौंकाने वाला है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह दावा किया जा रहा है कि डेल्सी रोड्रिगेज नवंबर 2025 से ही अमेरिकी अधिकारियों के साथ गुप्त बातचीत कर रही थीं। उसी दौरान तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से मादुरो को सत्ता छोड़ने की चेतावनी दी थी। रिपोर्ट्स की मानें तो रोड्रिगेज ने कथित तौर पर पहले ही संकेत दे दिए थे कि मादुरो का जाना तय है और वे अराजकता को रोकने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं। मादुरो की गिरफ्तारी के समय कई तरह की अफवाहें भी उड़ी थीं। पहले कहा गया कि रोड्रिगेज मॉस्को भाग गई हैं, फिर उनके मारगारिटा आइलैंड पर होने की खबर आई। अंततः 5 जनवरी को वह कराकस लौटीं और कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ ली। उनके भाई जॉर्ज रोड्रिगेज को भी नई व्यवस्था में महत्वपूर्ण पद दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सब उस ट्रांजिशन फ्रेमवर्क का हिस्सा था, जिसकी पटकथा महीनों पहले ही लिखी जा चुकी थी। फिलहाल मादुरो अमेरिका की हिरासत में हैं और उन पर गंभीर आरोपों में मुकदमा चल रहा है, लेकिन वेनेजुएला की सत्ता में उस रात हुई इस डील ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और अंतरराष्ट्रीय संप्रभुता पर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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