मोहल्ला क्लीनिक और आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कितना अंतर
नई दिल्ली। राजधानी में मंगलवार को 33 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 17 प्रधानमंत्री मंत्री जन औषधि केंद्र का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार के मंत्रियों, भाजपा सांसदों और विधायकों ने अलग-अलग जगहों पर इसका शुभारंभ किया।
तीस हजारी में आयुष्मान भारत मंदिर का शुभारंभ करने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मोहल्ला क्लीनिक को भ्रष्टाचार का अड्डा बताया और कहा कि जैसे-जैसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर विकसित होते जाएंगे मोहल्ला क्लीनिक बंद होते जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक में दिहाड़ी की तरह डॉक्टरों को प्रति मरीज भुगतान का प्राविधान किया। इस तरह का ठेका देने पर इलाज पर ध्यान होगा या मरीजों की गिनती करने पर। 30-40 मरीज देखकर अधिक मरीजों के बिल बनाएं जाते थे। मोहल्ला क्लीनिक आम आदमी पार्टी की सरकार के भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा था और करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ। कई मोहल्ला क्लीनिक बंद होने का कारण जानवरों का बसेरा बन गए थे।
केंद्र सरकार ने दिल्ली को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत 2400 की परियोजनाओं की स्वीकृति दी, जिसे पिछली सरकार ने रोक रखी थी। भाजपा सरकार ने इसे लागू किया।
इसके तहत दिल्ली में 1139 आरोग्य मंदिर किए जाएंगे। इसी क्रम में 33 आरोग्य मंदिर शुरू किए गए हैं। जहां नि:शुल्क दवा, मुफ्त जांच, योग की सुविधा है। साथ बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलेगा। जन औषधि केंद्रों से 60-70 प्रतिशत सस्ती दवाएं उपलब्ध होती हैं।
केंद्र सरकार ने दिल्ली को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत 2400 की परियोजनाओं की स्वीकृति दी, जिसे पिछली सरकार ने रोक रखी थी। भाजपा सरकार ने इसे लागू किया।
इसके तहत दिल्ली में 1139 आरोग्य मंदिर किए जाएंगे। इसी क्रम में 33 आरोग्य मंदिर शुरू किए गए हैं। जहां नि:शुल्क दवा, मुफ्त जांच, योग की सुविधा है। साथ बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलेगा। जन औषधि केंद्रों से 60-70 प्रतिशत सस्ती दवाएं उपलब्ध होती हैं।

मध्यप्रदेश में महिला सुरक्षा मुद्दे पर उमंग सिंघार का हमला, कानून व्यवस्था पर सवाल
प्रफुल्ल पटेल और तटकरे पर लगे आरोपों को पार्थ पवार ने बताया बेबुनियाद
वोटर लिस्ट विवाद: मालदा में न्यायिक अधिकारियों पर बंधक बनाकर विरोध प्रदर्शन
बंगाल में शाह का दावा: ममता सरकार की विदाई तय
सत्र 2026-27 से लागू होगा नया CBSE सिलेबस, छात्रों को करना होगा ध्यान
जमीन विवाद के बीच बना सरकारी भवन, अब उपयोग पर उठे सवाल
भर्ती प्रक्रिया निरस्त: हाई कोर्ट बोला- फिर से जारी करें प्लाटून कमांडर का विज्ञापन
सीधे संपर्क का मामला, HC ने पूछा- क्यों न हो कार्रवाई?
डॉ. मोहन यादव का बड़ा हमला: ममता बनर्जी अब ‘दीदी’ नहीं, ‘अप्पी